दिनांक १२.०६.२०११ दिन रविवार
कल पड़ोस में एक दुग्ध विक्रेता के यहाँ आगनवाडी द्वारा बच्चो के पोषण आहार में दी जाने वाली ढेर सारी बोरिया पुलिस ने जब्त की.
उसका पिता घबराया हुआ मेरे पास आया और पुलिस से बात करके मामला निपटाने के लिए कहने लगा.
क्योकि जब पुलिस ने घर पर छपा मारा था तो वहा पर ताला लगा था और घर का कोई भी सदस्य सामने नहीं आया था.
तब पंचनामा बनाकर पुलिस ने ताला तोड़कर माल जब्त किया था
उस पंचनामे में सरपंच, मै, मुकेश कन्देले, कमलेश मरकाम, रिखी राम यादव थे.
मैंने अपने सूत्रों से बात करी तो पता चला की बहुत से लोगो ने टी आई से इस मसले को हल कनरे के लिए बात की है.
मैंने बिना बात किये ही उसके पिता से कह दिया की तीस हजार लगेगे और काम हो जाएगा
लेकिन फिर वह नहीं आया.
दो रुपया मिलने की उम्मीद और अपनी प्रतिष्ठा बिगड़ते देख मुझे दुःख हुआ.
दिन भर इसी उम्मीद में सपने देखता रहा की आज तो पैसो की कुछ जुगाड़ लगेगी लेकिन आज का दिन भी वैसे ही कटा